अनेकान्त : (डॉ. आईदान सिंह भाटी)
शिवमूर्ति जी के साथ मेरी पहली भेंट राजस्थान के कस्बे श्रीडूंगरगढ में हुई थी, जहां संभवतः राजस्थान साहित्य अकादमी का आंचलिक समारोह था और राष्ट्रभाषा प्रचार समिति उसकी आयोजक थी। कवि श्याम महर्षि के साथ आयोजन सहयोगी थे चेतन स्वामी और मालचंद तिवाडी। उस कस्बे में हिन्दी की विभूति राजेन्द्र यादव का आगमन हुआ था। […]

