Bookory

हमारे गांव और किसान

अपने  समय में हिंदी के सर्वाधिक लोकप्रिय रहे साप्ताहिक पत्र धर्मयुग में ग्रामीण संवेदना के प्रखर कथाकर शिवमूर्ति की लंबी कहानी कसाईबाड़ा छपी तो सारे देश में धूम मच गई थी,क्योंकि इस कहानी में कथाकार ने आपातकाल के दौरान गांव में हुए नारी जीवन के शोषण और उत्पीड़न को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से रूपायित किया […]

तुम सब कसाई हो और ये सारा गाँव “कसाईबाड़ा” है : (सुनील दत्ता)

आजnbsp; के वर्तमान अंधाधुंध आधुनिकीकरण के परिदृश्य में पैसा और व्यवस्था ने समाज में एक ऐसी दौड़ शुरू करा दी है जहाँ समाज के मध्यम वर्ग का तबका अपना स्वाभिमान, सम्मान, ईमान तक बेच डालने में हिचक महसूस नहीं कर रहा है। ऐसे में प्रसिद्द कथाकार शिवमूर्ति कृत “कसाईबाड़ा“ समाज के लिये प्रासंगिक हो जाता है। आज के वर्तमान […]

आपने सुना है शिवमूर्ति को : (आलोक पराड़कर)

बहुत  कम ही लेखकों के साथ ऐसा होता है कि वे जितना अच्छा लिखते हैं, उतना ही अच्छा बोलते भी हैं। शिवमूर्ति ऐसे ही रचनाकार हैं। जो पढ़ने बैठिए तो लगता है बहुत कम ही लेखकों के साथ ऐसा होता है कि वे जितना अच्छा लिखते हैं, उतना ही अच्छा बोलते भी हैं। शिवमूर्ति ऐसे ही […]

६० के हुए शिवमूर्ति : (जानकीपुल ब्लॉग में प्रभातरंजन)

अस्सी  के दशक में अपनी कहानियों से बड़ी लकीर खींचनेवाले शिवमूर्ति इस साल 60 साल के हो गए। मूलतया ग्रामीण आबोहवा के इस कथाकार की कसाईबाड़ा और तिरिया चरित्तर कहानियों ने गांव के ढहते हुए सामाजिक और राजनीतिक ढांचे की बदलती तस्वीर दिखाई थी। बाद के दौर में तर्पण और त्रिशूल जैसे उनके उपन्यासों को बदलते समाज के बेचैन लेकिन विश्वसनीय बयानों की तरह देखा गया। […]

समय ही असली स्रष्टा है : (शिवमूर्ति)

कहानी प्रत्रिका कथादेश  ने अपने परिवेश और रचना प्रक्रिया पर मैं और मेरा समय शीर्षक से विभिन्न लेखकों की लेखमाला शुरू किया था मेरा आलेख ‘समय ही असली श्रष्टा है’ शीर्षक से अगस्त, सितम्बर तथा अक्टूर २००३ में प्रकाशित हुआ था।   तब। लेखक के ‘मैं’ में कम से कम दो व्यक्तित्व समाये होते हैं। एक […]

लेखक की भूमिका : (शिवमूर्ति)

यह आलेख सर्वप्रथम साहित्यिक पत्रिका बया के दिसम्बर ०६ के अंक में प्रकाशित हुआ था। पाठकों के लिए यहां प्रस्तुत –         एक  लेखक के रूप में हमारी चिंता क्या होनी चाहिए? उससे भी पहले एक नागरिक के रूप में हमारी चिंता क्या होनी चहिए? .        हमारा समाज बहुत पहले से दो हिस्सों […]

English Version of The Story “Tiriya Charittar” : (Shivmurti)

The story Tiriya Charittar, first published in reknowned hindi monthly Hans and awarded first prize. A film directed by vasu chatarji, starring Nasiruddin shah and Om puri was also made. also dramatised and staged more than hundred shows. Tiriyacharittar-The Fallen Woman By Shivmurti “Vimli! O Vimli!” “You brat, have you died or what….” Cough attacks […]

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