जंग जारी है : (शिवमूर्ति)
उपन्यास अंश……….. आज गांवों में तेजी से परिवर्तन हो रहा है। पुराने मूल्यों, मान्यताओं और मान-मर्यादा के मानदंड बदल गए हैं, बदल रहे हैं। अर्थ-लिप्सा गांवों को भी अपने शिकंजे में कस रही है…. गांवों के नाम पर आने वाली सरकारी सहायता सड़क, अस्पताल, पंचायत भवन आदि के निर्माण की धनराशि की निर्लज्जतापूर्वक बंदरबांट की […]





